| अभी हमें आगे चलना है। बहुत लंबा रस्ता है ये। मैं, ये तय किया है कि मेरा उम्र है 73 साल, लेकिन पूरे देश में मैं घूमता रहूंगा। और, इसलिए घूमता रहूंगा कि लोगों से संपर्क बनाकर रखना जरूरी है। वो संपर्क इसलिए बनाकर रखना है कि जो आज इस आंदोलन से बहुत बड़ी शक्ति मुझे प्राप्त हुई है, और वो शक्ति के आधार पर पूरे देश में संपर्क बनाकर रहूंगा। हर राज्य में और राज्यों से नीचे तक। एक संगठन बन जाए। लेकिन संगठन में स्वच्छ आदमी आना चाहिए। शुद्ध आचार, शुद्ध विचार, निष्कलंक जीवन, जीवन में त्याग, अपमान सहने की शक्ति होनी चाहिए। चरित्रवान लोगों का संगठन। क्योकि चरित्र में बहुत बड़ी शक्ति है।अन्ना हजारेदिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन समाप्त करते वक्त अन्ना हजारे का दिया गया भाषण। यह भाषण करीब 15-17 मिनट का था, जो 11 बजे शुरू हुआ। इसी भाषण के साथ अन्ना हजारे ने अपना अनशन समाप्त कर दियाइस अांदोलन में जिन-जिन लोगों ने तन से-मन से-धन से सहयोग किया है, मैं उन सबका धन्यवाद करता हूं। एक बात मैं कहना चाहता हूं कि लोकपाल बिल का काम बन गया। अभी हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। बहुत बड़ा लम्बा रास्ता ऐसा हमें तय करना है- दूसरी आजादी के लिए। इसमें सरकार ने मसौदा बनाया है, अभी हमें पूरा ड्राफ्ट बनाना है। उसके लिए भी हमें आगे जहां जरूरत पड़े, वहां संघर्ष करना पड़ेगा। पहला संघर्ष है मसौदा पूरा होने तक। दूसरा संघर्ष है मसौदा बनने के बाद। मंत्रिमंडल के सामने ये जो ड्राफ्ट आएगा तो मंत्रिमंडल ने उनको मान्यता देने के लिए जरूरत पड़े तो फिर से हम आंदोलन की तैयारी करें। तीसरी बात ये है कि मंत्रिमंडल ने भी मंजूरी दे दिया तो लोकसभा में जाएगा। अगर लोकसभा में भी कोई अडं़गा आ गया तो जैसा बहन ने बताया कि तिरंगा मेरे कंधे पर होगा और हम संसद को घेरने चलेंगे। लोकसभा पर जाएंगे।
दूसरी बात आप लोगों से मैं कहना चाहता हूं कि प्रश्न बहुत है, अभी देश में। प्रश्न बहुत हैं। सभी प्रश्न हम एक ही साथ में नहीं छुड़ा पाएंगे। लेकिन जैसे किसानों के प्रश्न हैं। शिक्षा क्षेत्र के प्रश्न हैं। मजदूरों के प्रश्न हैं। सही प्रश्न हैं। लेकिन हमें दो-तीन बातों का शुरू-शुरू में ध्यान रखना है। लोकपाल बिल के पास होने के बाद हमें- भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सत्ता का विकेद्रीकरण करो, मतदारों के हाथ में जबतक सत्ता नहीं जाएगी, तबतक भ्रष्टाचार को रोक नहीं लगेगा- हमें उस बात को भी सोचना है, आगे के लिए। उसके लिए ग्रामसभा, नगर पालिका नगर परिषद में पालिका सभा बनाना है। जैसे ग्रामसभा में राइट टु रिकाल सरपंच है, वैसे ही पालिका में अगर कोई जनता से पूछे बिना पैसा खर्च करता है तो उसको राइट टु रिकाल कॉरपोरेटर- इन बातों को हमें सोचना है।
तीसरा है, ये पॉलिटिकल सिस्टम को बदलना है। इलेक्ट्रिक सिस्टम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को बदलना है। मैंने सरकार को लेटर लिखा। अभी सरकार इसके लिए राजी हो गई है। लेकिन देखना है। यह वोटिंग के लिए बराबर नहीं है। इसमें गड़बड़ी होती है। गड़बड़ न होनेवाली सिस्टम ले आनी है। लेकिन आगे के लिए आपको-हमको-सबको खड़ा होना है। इसके अलावा एक मतदार संघ में दस लोग खड़े हैं, मतदार कहता है कि दसों लोग चोर हैं तो वोटिंग किसको देना है, तो इसलिए दसवां चिन्ह डाल दो- नापसंदी। और, दस उम्मीदवार से नापसंदी पर ज्यादा वोट डाल दिया तो इलेक्शन कैंसिल। नया इलेक्शन करो। करो बंटवारा, कहां तक करते हो पैसे का? करो। एक इलेक्शन रद्द हुआ और तीन करोड़ रुपया पानी में गया तो इनका दिमाग जगह पर आ जाएगा। वो बात हमें करनी है।
आगे के लिए हमें जो लंबा रास्ता तय करना है, उसमें हमें ये बातें करनी हैं। आज तो हमने एक लड़ाई जीती है। ये जीत मीडिया की है। प्रेस की है। लोगों की है। देश के जो भाई-बहन ने आंदोलन छेड़ा, उन सबकी जीत है। मेरी नहीं, ये सबकी जीत है।
अभी आंदोलन की ये शुरुआत हुई है। आज लोकपाल बिल का निर्णय लेकर लड़ाई की शुरुआत हो गई है। दूसरी आजादी की लड़ाई की शुरुआत हो गई है। अभी हमें आगे चलना है। बहुत लंबा रस्ता है ये। मैं, ये तय किया है कि मेरा उम्र है 73 साल, लेकिन पूरे देश में मैं घूमता रहूंगा। और, इसलिए घूमता रहूंगा कि लोगों से संपर्क बनाकर रखना जरूरी है। वो संपर्क इसलिए बनाकर रखना है कि जो आज इस आंदोलन से बहुत बड़ी शक्ति मुझे प्राप्त हुई है, और वो शक्ति के आधार पर पूरे देश में संपर्क बनाकर रहूंगा। हर राज्य में और राज्यों से नीचे तक। एक संगठन बन जाए। लेकिन संगठन में स्वच्छ आदमी आना चाहिए। शुद्ध आचार, शुद्ध विचार, निष्कलंक जीवन, जीवन में त्याग, अपमान सहने की शक्ति होनी चाहिए। चरित्रवान लोगों का संगठन। क्योकि चरित्र में बहुत बड़ी शक्ति है।
सब भाई-बहनों को मेरी विनती है। एक रस्ता शुरू हो गया- लोकपाल बिल आने के बाद, हमें कई जगह पर संघर्ष करना पड़ेगा। उसके बाद देश के सामने दो-तीन जो प्रश्न हैं, उसको लेकर आगे बढ़ना है। जैसे आज का आंदोलन हुआ है, वैसे ही इन दो-तीन प्रश्नों पर हम पूरे देश में आंदोलन करेंगे। और, आजादी की दूसरी लड़ाई जीतेंगे। जीतेंगे।
मैं आप सबके लिए धन्यवाद देता हूं। बधाई देना चाहता हूं और फिर से दोहराना चाहता हूं कि जीत आपकी है। शहीद भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव- इन्होंने हमारे ऊपर जो अहसान करके रखा, वो कभी नहीं चुका सकते हम। इसी रास्ते से जाकर कुछ हद तक हम उनका अहसान चुका पाएंगे। हम सबको मिलकर आगे के लिए आजादी की दूसरी लड़ाई लड़नी है। मैं सबके लिए फिर से धन्यवाद करता हूं।
जय हिन्द! जय भारत! |
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