Thursday, April 14, 2011

आतंकी धमकी के बावजूद कश्मीर में 78 फीसदी मतदान


जम्मू-कश्मीर के निवासियों ने बुधवार को एक बार फिर भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त की। आतंकवादियों की धमकियों के बावजूद बुधवार को लोगों ने बढ़-चढ़कर पंचायत चुनावों में हिस्सा लिया। सोलह चरणों में हो रहे पंचायत चुनाव के पहले चरण में आठ जिलों के आठ ब्लॉकों में रिकॉर्ड 78 प्रतिशत मतदान हुआ। शाम तक नतीजे भी आए गए और 288 सरपंच और 2188 पंच चुन लिए गए। कश्मीर में मतदान पर आतंकवाद और अलगाववादियों के बहिष्कार के एलान का कोई असर नहीं दिखा। वहीं, जम्मू संभाग के बिश्नाह में एक उम्मीदवार के चुनाव निशान पर हुए विवाद पर हंगामे के अलावा मतदान शांतिपूर्ण रहा। सनद रहे कि राज्य में गैर राजनीतिक आधार पर दस साल बाद पंचायत चुनाव हो रहे हैं। कश्मीर के पांच जिलों के पांच ब्लॉकों में हुए मतदान में लोगों का उत्साह देखते ही बना। यहां औसत मतदान 75 प्रतिशत रहा। जबकि जम्मू संभाग के तीन जिलों के तीन ब्लॉकों में 81 प्रतिशत मतदान हुआ। जम्मू जिले के बिश्नाह में 80, सांबा में 82 प्रतिशत, ऊधमपुर में 80.89, कुपवाड़ा में 86.2, गांदरबल के कंगन में 77.87, कुलगाम, अनंतनाग जिले में आने वाले किनमोह के दो ब्लॉकों में करीब 69 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआर शर्मा ने बताया कि मतदान की निष्पक्षता व सुरक्षा के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। उन्होंने बताया कि रात नौ बजे तक अधिकतर परिणाम आ चुके थे। पहले चरण का मतदान प्रतिशत करीब 78 प्रतिशत रहा। कुल 288 सरपंच व 2188 पंच चुने गए। इनमें से तीन सरपंच व 212 पंच पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे। कुल मिलाकर 3500 उम्मीदवारों ने पहले चरण में भाग्य आजमाया। इससे पूर्व सुबह आठ बजे शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया दोपहर दो बजे तक चली। संबंधित पंचायतों में मतगणना की प्रक्रिया शाम चार बजे के करीब शुरू हुई। सरपंचों, पंचों की जीत की घोषणा के साथ ही राज्य के विभिन्न गांवों में देर रात तक जश्न जारी रहा। दूसरे चरण में मतदान 17 अप्रैल को होगा। इसमें ऊधमपुर के चनैनी, सांबा के विजयपुर, जम्मू के आरएसपुरा, कुपवाड़ा के वावूरा, बारामूला के उड़ी, गांदरबल के लार, बड़गाम के नागाम, कुलगाम के पाहलू में मतदान होगा|

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