जिले में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। यह हालत तब है,जबकि वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में सिर्फ दो माह शेष है। अभी तक गरीबों को उनकी जमीन पर कब्जे नहीं मिल सके हैं। छात्रवृत्ति खातों में नहीं पहुंची है। महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना में गरीबों को पेंशन का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री के 27 बिंदुओं में सबसे महत्वपूर्ण गरीब व अनुसूचित जाति के लोगों को कब्जा दिलाना है। जिला प्रशासन ने 162 लोगों को चिन्हित किया। इसमें अभी तक सिर्फ सौ लोगों को कब्जा मिला है। 62 लोग अब भी कब्जा लेने के लिए ठोकरें खा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ बीमा योजना में प्रत्येक मजदूर का बीमा होना जरूरी है। इसमें सिर्फ छह प्रतिशत मजदूरों का ही बीमा हुआ है। कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना में अभी वर्ष 2008-09 का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है। विवादित जमीन पर इन आवासों का निर्माण कर लिया गया। हाईकोर्ट ने इनके आवंटन पर रोक लगा दी है। इससे किसी भी गरीब को इस योजना का लाभ नहीं मिला है। शिक्षा के मामले में हर गरीब को शिक्षा दिलाने का संकल्प लिया गया है। शहर में एक समुदाय की ढाई लाख की आबादी में बेसिक शिक्षा विभाग का एक भी विद्यालय नहीं है। जिला प्रशासन और नगर निगम स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा सका है। इन क्षेत्रों में शमशाद मार्केट, जमालपुर आदि क्षेत्र आते हैं।
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