Friday, May 6, 2011

पंजाब में 60 हजार अवैध हथियार


आतंकवाद से जूझ चुके पंजाब के लोग हथियारों का लाइसेंस रिन्यू कराने में पीछे हैं। यहां तीन लाख से अधिक लाइसेंसी हथियार हैं और इनमें 60 हजार ने पांच साल से लाइसेंस रिन्यू नहीं कराए। नियमानुसार लाइसेंसों को तीन साल के बाद रिन्यू करवाना होता है। इन डिफाल्टरों के खिलाफ न तो किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई की और न ही उनके हथियारों को जब्त करने के लिए कोई नोटिस ही जारी किया। यह खुलासा पटियाला निवासी एक आरटीआई आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी में हुआ है। जुलाई 2010 में पटियाला के अश्विनी कुमार ने पंजाब के प्रत्येक जिले के डिप्टी कमिश्नर से सूचना के अधिकार के तहत लाइसेंसी हथियारों के संबंध में जानकारी मांगी। पूछा गया कि हरेक जिले में कितने हथियार हैं? कितने लाइसेंस पिछले पांच साल से रिन्यू नहीं हुए? जो लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? शुरू में सभी डिप्टी कमिश्नरों ने जानकारी देने में आपत्ति जताई, लेकिन अश्विनी कुमार ने इस संबंध में चंडीगढ़ स्थित सूचना आयुक्त को शिकायत दे दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सूचना आयुक्त ने राज्य के प्रत्येक डीसी को आदेश जारी कर उक्त जानकारी देने का निर्देश दिया। जो जानकारी दी गई उसके मुताबिक करीब तीन लाख लाइसेंसी हथियारों में से 20 फीसदी हथियारों के लाइसेंस पांच साल से रिन्यू नहीं हुए हैं। इस जानकारी ने चौंकाने के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की ढिलाई को भी उजागर कर दिया है।


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