Friday, June 22, 2012

दिल्ली होगा देश का पहला केरोसिन मुक्त शहर


दिल्ली मंत्रिमंडल ने राजधानी को केरोसिन मुक्त बनाने संबंधी योजना पर मुहर लगा दी है। अब दिल्ली में 15 अगस्त से रसोई के कार्यो के लिए केरोसिन का इस्तेमाल बंद हो जाएगा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली विधानसभा में वर्ष 2012-13 के लिए दिल्ली का बजट पेश करते हुए सदन में इस आशय की घोषणा की थी। बुधवार को दिल्ली मंत्रिमंडल ने इस योजना को लागू करने के तौर-तरीकों को हरी झंडी दिखाई। इस योजना के लागू करने से शहर के लगभग 3.57 लाख परिवारों को केरोसिन के इस्तेमाल से मुक्ति मिल जाएगी। सरकार इस योजना को लागू करने पर 85.54 करोड़ रुपये खर्च करेगी। संबंधित परिवारों को सरकार एलपीजी सिलेंडर और रेग्यूलेटर के लिए धरोहर राशि देगी और दो चूल्हे वाला गैस स्टोव व रबड़ ट्यूब भी देगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लागू होने के बाद दिल्ली देश का पहला महानगर होगा जहां रसोई में केरोसिन का प्रयोग पूरी तरह बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ कुल 3 लाख, 56 हजार, 395 परिवारों को मिलेगा। शुरुआत में यह संख्या करीब पौने दो लाख ही बताई गई थी। सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग ने आंकड़ों को दुरुस्त करने के बाद कहा है कि ईपीडीएस-डेटाबेस के अनुसार 93,075 अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत आने वाले परिवार, 2, 32,019 गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले परिवार (बीपीएल) तथा 31,301 गरीबी रेखा (एपीएल) से ऊपर के परिवार रसोई में केरोसिन का इस्तेमाल करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सभी परिवारों को 14.83 रुपये प्रति लीटर की दर से हर महीने 12.5 लीटर करोसिन तेल दिया जाता है। इसके लिए खाद्य-आपूर्ति विभाग प्रतिमाह 4400 किलोलीटर करोसिन तेल जारी करता है। उन्होंने बताया कि केरोसिन की जगह एलपीजी के इस्तेमाल से केरोसिन की कालाबाजारी समाप्त हो जाएगी। विभाग के डेटाबेस में अपने आप केरोसिन प्राप्त करने वाले राशन कार्डधारकों के नाम गैस इस्तेमाल करने वाले धारकों में तब्दील हो जाएंगे और इसी मात्रा में संबंधित तेल डिपो को केरोसिन मिलना बंद हो जाएगा।

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