Saturday, February 12, 2011

पश्चिम बंगाल में कैसे बढ़े मतदान, कम हो हिंसा


हिंसा और खास तौर पर पैसों के दुरुपयोग को लेकर बिहार में आजमाए गए सफल नुस्खों से उत्साहित चुनाव आयोग की नजर अब पश्चिम बंगाल पर है। लगातार राज्य का जायजा ले रहे आयोग में विशेष तौर पर उन कवायदों पर चर्चा हो रही है जिनसे न सिर्फ हिंसा कम हो बल्कि मतदान प्रतिशत भी बढ़े। माना जा रहा है कि जागरूकता के साथ-साथ चुनाव छह चरणों में करवाए जा सकते हैं। मार्च के पूर्वा‌र्द्ध में इसका एलान संभव है। जबकि खर्च पर लगाम कसने के लिए सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) के साथ बैठक हो चुकी है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुड्डूचेरी और असम में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी बिहार का असर होगा। दरअसल बिहार में आयोग ने कुछ नए नुस्खे आजमाए थे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नुस्खा चुनावी खर्च के लिए एक बैंक खाते का था। आयोग का मानना था कि इससे चुनाव के सभी क्षेत्रों पर असर हुआ था। पांच राज्यों में इसकी गहन परख होगी। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु नजरों में सबसे ऊपर है। गौरतलब है कि इन दोनों राज्यों में हिंसा और पैसों के दुरुपयोग का रिकार्ड रहा है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के साथ नक्सलवाद से भी आयोग चिंतित है। सूत्रों का मानना है कि ऐसी स्थिति में चुनाव लंबा खिंच सकता है। पिछली बार पांच चरणों में चुनाव हुए थे। माना जा रहा है कि इस बार यह छह चरणों तक जा सकता है ताकि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो सके। मतदान की तारीखें अप्रैल से मई तक खिंचेंगी। दूसरी तरफ चुनावी खर्च पर लगाम कसेगी। हाल ही में आयोग ने सीबीडीटी के साथ बैठक कर इसकी चर्चा की। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, होटल, हवाला लेनदेन जैसे स्थानों व चीजों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। जबकि राजनीतिक दलों के खातों पर सूक्ष्म नजर रखने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ भी बैठक हुई। चुनावी खर्च के लिए एक खाता का प्रावधान भी लागू होगा। यानी उम्मीदवारों को एक ही खाते से सभी खर्च करने का निर्देश दिया जाएगा ताकि उनके साथ साथ तालमेल रखने वालों पर भी नजर रखी जा सके।

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