शहर के अधिकांश इलाकों के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं और विद्याधर नगर के ‘सहयोग अपार्टमेंट’ में रहने वालों को 63 रुपए प्रति माह में पानी देने पर जलदाय विभाग ने मुहर लगा दी है। यहां भविष्य में बिना मीटर के बेहिसाब पानी दिया जाएगा। सीधे ट्यूबवैल से जुड़े होने से यहां 24 घंटे पानी आता है। वहीं तीन साल से मुफ्त में पानी पी रहे यहां के लोगों से केवल 3 लाख 27 हजार रुपए वसूले जाएंगे।
सरकारी अफसरों व जलदाय विभाग के इंजीनियरों का रिहायशी ‘सहयोग अपार्टमेंट’ में पेयजल आपूर्ति करने के लिए जलदाय विभाग ने 2006 में दो ट्यूबवेल बनाए थे। अफसरों के निवास होने से विभाग ने यहां मीटर ही नहीं लगाए और दो टावरों के लिए बने ट्यूबवैल का खर्चा भी जलदाय विभाग ही वहन करता रहा। स्थानीय लोगों व विभाग के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो इंजीनियर इसे कागजों में दबाते रहे। लोगों के आक्रोश और सीएमओ तक शिकायत करने पर इसकी जांच की गई।
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि ‘सहयोग अपार्टमेंट’ मामले का फैसला सरकार के स्तर पर हो गया है। अब बकाया राशि वसूली के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा जाएगा तथा प्राइवेट फ्लैट्स वालों से भी वसूली होगी।
आम उपभोक्ता से 100 रुपए महीना
शहर में अधिकांश इलाकों में एक दिन में केवल एक घंटे पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में अधिकतर उपभोक्ता को औसतन 100 से 125 रुपए का बिल चुकाना पड़ता है। वहीं 24 घंटे पेयजल आपूर्ति पायलट प्रोजेक्ट क्षेत्र में एक कनेक्शन पर औसतन 225 से 275 रुपए का बिल थमाया जा रहा है.
सरकारी अफसरों व जलदाय विभाग के इंजीनियरों का रिहायशी ‘सहयोग अपार्टमेंट’ में पेयजल आपूर्ति करने के लिए जलदाय विभाग ने 2006 में दो ट्यूबवेल बनाए थे। अफसरों के निवास होने से विभाग ने यहां मीटर ही नहीं लगाए और दो टावरों के लिए बने ट्यूबवैल का खर्चा भी जलदाय विभाग ही वहन करता रहा। स्थानीय लोगों व विभाग के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो इंजीनियर इसे कागजों में दबाते रहे। लोगों के आक्रोश और सीएमओ तक शिकायत करने पर इसकी जांच की गई।
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि ‘सहयोग अपार्टमेंट’ मामले का फैसला सरकार के स्तर पर हो गया है। अब बकाया राशि वसूली के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को लिखा जाएगा तथा प्राइवेट फ्लैट्स वालों से भी वसूली होगी।
आम उपभोक्ता से 100 रुपए महीना
शहर में अधिकांश इलाकों में एक दिन में केवल एक घंटे पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में अधिकतर उपभोक्ता को औसतन 100 से 125 रुपए का बिल चुकाना पड़ता है। वहीं 24 घंटे पेयजल आपूर्ति पायलट प्रोजेक्ट क्षेत्र में एक कनेक्शन पर औसतन 225 से 275 रुपए का बिल थमाया जा रहा है.
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