Friday, November 25, 2011

जब फूटा गुस्सा


2008 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश पर चले जूते से विरोध जताने का जो सिलसिला शुरू हुआ, उसी का हालिया विस्तार है केंद्रीय मंत्री शरद पवार पर बृहस्पतिवार को राजधानी दिल्ली में चला थप्पड़। लोगों को काली पट्टी और नारेबाजी की जगह विरोध जताने के लिए थप्पड़ जड़ देना अब ज्यादा रास आ रहा है। इस नए डेमोसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी नहीं बच पाए। डालते हैं ऐसी ही कुछ घटनाओं पर एक नजर:
चिदंबरम पर उछाला जूता : 7 अप्रैल, 2009 को दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने गृहमंत्री पी चिदंबरम पर जूता फेंका। उस वक्त चिदंबरम जगदीश टाइटलर को सीबीआई की क्लिन चिट दिए जाने पर बोल रहे थे। आडवाणी पर चली चप्पल : 16 अप्रैल, 2009 को मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक चुनावी जनसभा के दौरान भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी पर चप्पल फेंकी गई। चप्पल फेंकने वाला भाजपा कार्यकर्ता था। मनमोहन पर जूता : 26 अप्रैल, 2009 को एक चुनावी सभा के दौरान प्रधानमंत्री पर एक व्यकित ने जूता फेंका। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए और जूता उनके मंच से कुछ दूरी पर गिरा। येदियुरप्पा पर हमला : 28 अप्रैल, 2009 को कर्नाटक के हसन जिले में एक चुनावी सभा के दौरान चुनावी मंच पर एक व्यक्ति ने चप्पल फेंका, बाल-बाल बचे बीएस येदियुरप्पा। उमर पर हमले का प्रयास : 15 अगस्त, 2010 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम पर एक आरक्षी ने वीआईपी सेल में घूस कर उमर अब्दुल्ला पर जूते से हमले की नाकाम कोशिश की। सुखराम पर हमले की कोशिश : 19 नवम्बर, 2011 को दिल्ली के एक अदालत परिसर में पूर्व दूरसंचार मंत्री सुखराम पर एक युवक ने हमले की कोशिश की। उसी दिन कोर्ट ने घूस लेने के आरोप में उनको पांच साल की कैद और चार लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। जनार्दन द्विवेदी पर जूता : 6 जनवरी, 2011 को कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस में सवाल-जवाब के दौरान एक पत्रकार ने उन पर जूते से हमला किया। हमलावर की पहचान राजस्थान दैनिक नवसंचार के संवाददाता के रूप में की गई। कलमाडी पर चप्पल : 26 अप्रैल, 2011 को कामनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी के ऊपर सीबीआई कोर्ट के बाहर चप्पल फेंकी गई। हमलावर कपिल ठाकुर मध्य प्रदेश का रहने वाला है। वरुण गांधी पर चप्पल : एक रैली में शामिल नहीं होने से झुब्ध भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के सांसद वरुण गांधी पर चप्पलें फेंकी और काले झंडे दिखाए। प्रशांत भूषण की धुनाई : 13 अक्टूबर, 2011 को कश्मीर पर विवादित बयान के बाद टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट परिसर स्थित उनके दफ्तर में घुसकर भगत सिंह क्रांति सेना के युवकों ने जम कर पीटा। ये युवक जम्मू-कश्मीर को अलग किए जाने की प्रशांत भूषण की दलील से आहत थे। अरविंद केजरीवाल पर जूता : 18 अक्टूबर, 2011 को लखनऊ में कांग्रेस के खिलाफ एक सभा को संबोधित करने गए अन्ना टीम के सक्रिय सदस्य केजरीवाल पर जूते से हमला किया गया पर वह बाल- बाल बच गए। 

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