Friday, November 18, 2011

भारत में होती हैं सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं

देश में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बहुत ही चिंतनीय स्थिति है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि हर एक मिनट पर एक सड़क हादसा होता है। इतना ही नहीं, जिस तरह से हर मिनट पर सड़क हादसा हो रहा है उसी तरह से हर चार मिनट पर एक व्यक्ति की मौत हो रही है। वर्ष 2010 में एक लाख 30 हजार लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई जबकि पांच लाख लोग घायल हुए। इन सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण करने के बाद पता चला कि इनमें से 78 फीसद सड़क दुर्घटनाएं वाहन चालकों की गलती से हुई। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग सचिव एके उपाध्याय ने आज पत्रकारों से बातचीत में जानकारी दी कि वर्ष 2009 में देश में चार लाख 90 हजार सड़क दुर्घटनाएं हुइर्ं। इन हादसों में एक लाख 25 हजार 660 लागों को अपनी जान गंवानी पड़ी जबकि पांच लाख से अधिक लोग घायल हुए। प्राप्त रिपोर्टो से यह पता चलता है कि वि के सभी देशों में से सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं भारत में हो रही हैं। इस मामले में जहां एक ओर विकसित देश सड़क सुरक्षा के लिए एक समर्पित नोडल एजेंसी की सहायता से सुनियोजित सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी दुर्घटना दरों को कम करने में लगे हुए हैं, वहीं इसके विपरीत भारत की दुर्घटना दर और मौतों की वृद्धि देखी गई है। यह एक चिंता का विषय है। इन हादसों के कारणों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस तरह की 78 फीसदी दुर्घटनाएं वाहन चालकों की गलती के कारण हुई और इन दुर्घटनाओं का शिकार होने वाले अधिकतर लोग 25 से 40 वर्ष के आयु समूह के थे। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और लगने वाली चोटों से भारतीय अर्थव्यवस्था को सकल घरेलू उत्पाद के लगभग तीन प्रतिशत की अनुमानित हानि होती है और यह हानि गंभीर इसलिए भी है क्योंकि 52.7 प्रतिशत सड़क दुर्घटना पीड़ित 25 से 65 वर्ष की आयु समूह के हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद काम कर रहा है। हर मिनट में एक सड़क हादसा और हर चौथे मिनट में होती है मौत वाहन चालकों की गलती से होती हैं 78 फीसद सड़क दुर्घटनाएं

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