आतंकवाद से लड़ने के लिए मजबूत किए जा रहे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड्स (एनएसजी) पर केंद्र सरकार 12वीं योजना में 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुंबई में एनएसजी क्षेत्रीय केंद्र का उद्घाटन के मौके पर चिदंबरम ने एनएसजी से उम्मीद जताई कि वे आतंकवादियों की नई तकनीक से निपटने के लिए वे रूस, फ्रांस एवं इजरायल की तर्ज पर अपने आपको तैयार करें। हालांकि एनएसजी को दुनिया के बेहतरीन सुरक्षा बलों में से एक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इसे और मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई पर हुए पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के दौरान एनएसजी को दिल्ली से मुंबई बुलाना पड़ा था। इसके बाद मुंबई पर अक्सर होने वाले आतंकी हमलों के इतिहास को देखते हुए मुंबई सहित चेन्नई, हैदराबाद एवं कोलकाता में एनएसजी के क्षेत्रीय हब शुरू करने की योजना बनाई गई थी। मुंबई में चिदंबरम के ही हाथों इसकी शुरुआत 30 जून, 2009 को ही मुंबई के छत्रपति शिवाजी विमानतल के पास कर दी गई थी। अब मुंबई उपनगर के मरोल क्षेत्र स्थित 23 एकड़ भूमि में इसे सुव्यवस्थित रूप से शुरू किया गया है। एनबीसीसी द्वारा इस केंद्र का निर्माण किया गया है। इसके अलावा इस केंद्र को विकसित करने में राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन, एअरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया एवं सेना की भी सहायता ली गई है। उल्लेखनीय है कि 26/11 के हमले के दौरान एनएसजी ने बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बहादुरी से लड़ते हुए एनएसजी के जवानों ने 10 में से आठ आतंकियों को मारकर होटल ताज एवं नरीमन हाउस को उनके कब्जे से मुक्त कराया था।
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