Monday, April 30, 2012

सरकार शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि बढ़ाएगी


यह जिक्र करते हुए कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के निर्माण के लिए आवंटन राशि बहुत कम है, सरकार ने बुधवार को कहा कि वह संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत प्रति परिवार धनराशि 2200 रुपए से बढ़ाकर 9900 रुपए करेगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने यहां यूनीसेफ द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में कहा, ‘राज्य और केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली कुल 2200 रुपए की सहायता शौचालय बनाने के लिए बहुत कम धनराशि है, इसकी वजह है कि नेता और नई दिल्ली में स्वच्छता के लिए काम करने वाले नौकरशाह उन शौचालयों का कभी उपयोग नहीं करते जिनके लिए वे सहायता देते हैं जबकि हम आशा करते हैं लोग उनका उपयोग करें।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के भी प्रभारी रमेश ने कहा, ‘हम अपनी सहायता में बड़े कंजूस हैं। अब हम इन नियमों की समीक्षा करेंगे और शीघ्र ही हम बदलाव की अधिसूचना जारी करेंगे।उन्होंने कहा कि सरकार आवंटन रािश प्रति परिवार 9900 रुपए करने पर काम कर रही है जिसके लिए 5400 रुपए संपूर्ण स्वच्छता अभियान से और शेष 4500 रुपए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी से आएगी। रमेश ने कहा कि दोनों को इसलिए साथ लाया जा रहा है ताकि ग्रमीण काम योजना और स्वच्छता कार्यक्र म की धनराशि का उपयोग कर बेहतर सामुदायिक सुविधा तैयार की जा सके। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि देश में भी 60 फीसद महिलाओं को मूलभूत शौचालय सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाया है। उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए इससे ज्यादा कुछ शर्मनाक बात नहीं हो सकती। जबतक हमारे अंदर शर्म की भावना, गुस्से की भावना पैदा नहीं होती, हम कुछ नहीं करने जा रहे हैं। यह सामान्य रूप से चलने वाली बात होगी।
उन्होंने कहा, ‘हम शौचालय बनाते हैं जिनका उपयोग नहीं होने जा रहा। हम सब्सिडी के रूप में धन देते हैं जो बीच में गायब होने जा रही है। मैं मानता हूं कि हमें इसे स्वीकार करना चाहिए कि यह हमारे लिए शर्म की बात है, हमारे मन में गुस्सा पैदा होनी चाहिए और हमें इसे राष्ट्रीय जुनून बनाना चाहिए।
यह जिक्र करते हुए कि देश के 40 फीसद स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग से शौचालय सुविधा नहीं है, रमेश ने कहा, ‘यदि मैं इस बात की प्राथमिकता तय करना चाहूंगा कि कहां सरकारी धन की आवश्यकता है तो ग्रामीण स्कूलाू में लड़कियों के लिए शौचालय सुविधाओं को उन्नत करने में काफी धन लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत कुछ राज्य सरकारों द्वारा प्रदत आंकड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के निर्माण पर जनगणना आंकड़े बिल्कुल भिन्न हैं। कहा, 2200 से बढ़ाकर 9900 रुपए की जाएगी यह रकम

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