Monday, October 24, 2011

मानव विकास में अभी भी काफी पीछे है बिहार


बिहार में आहिस्ता-आहिस्ता ही सही लोगों का जीवन स्तर सुधरने लगा है। योजना आयोग की इंडिया : ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट 2011 में कहा गया है कि केरल, दिल्ली, हिमाचल, गोवा और पंजाब जैसे विकसित राज्यों की तुलना में बिहार मानव विकास के मामले में अभी भी काफी पीछे है। छत्तीसगढ़ और ओडि़सा ही सिर्फ उससे नीचे है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ वर्षो में बिहार में तेजी से आर्थिक विकास हुआ है, लेकिन मानव विकास इंडेक्स में गरीबी, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता की सुविधाओं की कमी के कारण यह दिखाई नहीं देता। हालांकि राज्य सरकार की ओर से गरीबी को कम करके इंडेक्स में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। जून 2009 तक 40 लाख बीपीएल परिवारों और 24 लाख अंत्योदय परिवारों को राशन कार्ड बांटे गए। 2004 से 2008 के बीच अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण पर खर्च की राशि दोगुनी हो गई। फिर भी मानव विकास इंडेक्स के मामले में बिहार अन्य राज्यों की तुलना में अभी काफी पीछे है। मानव विकास इंडेक्स के मामले में केरल (0.790) पहले नंबर पर, दिल्ली (0.750) दूसरे नंबर पर और हिमाचल प्रदेश (0.652) तीसरे स्थान पर हैं। सबसे नीचे की पायदान पर छत्तीसगढ़ (0.358) है। उड़ीसा (0.362) के साथ नीचे से दूसरे नंबर पर। बिहार (0.367) का नीचे से तीसरा स्थान है। यह बात जरूर देखने को मिल रही है कि बिहार, ओडि़सा और छत्तीसगढ़ जैसे गरीब राज्यों ने मानव विकास इंडेक्स के मामले में राष्ट्रीय औसत से तेजी के साथ विकास किया है। हालांकि अभी भी ये राज्य इस स्थिति में नहीं पहुंच पाए हैं कि इंडेक्स में कोई उलटफेर कर सके। बिहार में मानव विकास की स्थिति पर नजर दौड़ाए तो स्पष्ट है कि आय, शिक्षा और स्वास्थ्य तीनों क्षेत्रों में विकास हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में रफ्तार कुछ ज्यादा ही तेज है। सर्व शिक्षा अभियान, स्कूलों में बड़ी संख्या में अभियान चलाकर बच्चों का नामांकन, मुख्यमंत्री साइकिल योजना और बालिका पोशाक योजना का रंग शिक्षा के इंडेक्स में साफ-साफ झलक रहा है।

No comments:

Post a Comment