रक्षा बंधन पर प्रदेश की महिलाओं को सौगात देते हुए राज्य सरकार ने अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा पुत्री को पारिवारिक पेंशन 25 वर्ष की आयु के बाद भी देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेंशन राशि को 2,550 से बढ़ाकर 6,000 रुपए मासिक कर दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा में सीना फुलाने में पांच सेमी की छूट दी है तो आरटेट परीक्षा में जनजाति उपयोजना क्षेत्र के अभ्यर्थियों के लिए उत्तीर्णाक 36 प्रतिशत कर दिया गया है। रक्षा बंधन के अवकाश के बावजूद बृहस्पतिवार को यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के निर्णयों के अनुसार राज्य कर्मचारी या पेंशनर की पुत्री को 25 वर्ष की उम्र के बाद भी पारिवारिक पेंशन उस स्थिति में देय होगी, जबकि उसका तलाक शारीरिक अपंगता या मानसिक मनोविकार के कारण हुआ हो। इसी तरह पुत्र या पुत्री के मानसिक विकार, अपंगता, अंधे-गूंगे व बहरे एवं आजीविका अर्जित नहीं करने की क्षमता के कारण 25 वर्ष बाद भी पारिवारिक पेंशन पाने का हकदार होगा। पात्र व्यक्ति की अधिकतम मासिक आय 2,550 से बढ़ाकर 6,000 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है। इसके साथ ही कैबिनेट ने कांस्टेबल भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थी के पांच सेमी सीना फुलाने के नियम में संशोधन किया है। कैबिनेट ने इस संशोधन को मंजूरी दे दी है। पहले भर्ती के दौरान अभ्यर्थी के लिए सामान्यतया न्यूनतम सीना 81 सेमी तथा फुलाने के बाद 86 सेमी होना अनिवार्य था। कोर्ट की टिप्पणी के बाद पुलिस मुख्यालय ने पांच सेमी सीना फुलाने की अनिवार्यता में संशोधन प्रस्तावित किया था। इसके अलावा आरटेट परीक्षा में जनजाति उपयोजना क्षेत्र के अभ्यर्थियों अब उत्तीणार्ंक 36 प्रतिशत कर दिया गया है। बैठक में ग्राम सेवक के पद के बहुआयामी कायरें को मद्देनजर रखते हुए ग्राम सेवकों को 500 रुपए प्रतिमाह की दर से विषेष भत्ता एक अगस्त 2012 से स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। यह विषेष भत्ता अन्य किसी प्रयोजन के लिए मान्य नहीं होगा। ग्राम सेवकों के वर्तमान पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि करने के लिए पंचायत प्रसार अधिकारी के 265 नये पद सृजित करने का भी फैसला लिया है। ग्राम सेवकों को 12 जून 08 के स्थान पर 31 अगस्त 06 से पंचायत प्रसार अधिकारी के पद का वेतनमान चयनित वेतनमान के रूप में स्वीकृत किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हुआ फैसला
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